tag:blogger.com,1999:blog-7845169987975672699.post-61985120619071644342007-06-18T09:17:00.001-07:002007-06-19T04:18:06.898-07:00काश ऐसा होसुन सान बगर हो, दुर टिकी नजर हो, आखो मे आशा हो, जिन्दगी मानो तराशा हो, काश: ऐसा हो । कोइ अपने पास हो, महकति आभाष हो, कानो मे बात हो, अपनो कि बर्ताब हो, काश: ऐसा हो । निरव सुन्यता हो, शान्ति और सौन्दर्य हो, दिल मे सुकुन हो, मुस्कान कि आभा हो, काश: ऐसा हो। काश: ....................काश: ऐसा हो ।बोगटी सरोजhttp://www.blogger.com/profile/07885196120027936275noreply@blogger.com