tag:blogger.com,1999:blog-7845169987975672699.post-42852868214543126762007-07-03T11:02:00.000-07:002007-07-03T11:12:46.408-07:00दे दो ना ........वेवशी दर्द का आलम, तुम मुझे दे दो अपनी गम, खामोशिया भी दो, तनहाईया भी दो, बेचैनिया भी दो, ................................. दे दो ना । भीगी पल्को से चुरा लुंगी नमी, रहने दूंगी ना कही कोई कमी, तुम को दामन ना भी दोने दूंगी, अब कभी ना तुम्हे रोने दूंगी, उलझते गम कि परछाई , देदो तुम अपने तनहाई, गुमनामिया भी दो, नकामयाबिया भी दो, बोगटी सरोजhttp://www.blogger.com/profile/07885196120027936275noreply@blogger.com