वेवशी दर्द का आलम,
तुम मुझे दे दो अपनी गम,
खामोशिया भी दो,
तनहाईया भी दो,
बेचैनिया भी दो,
................................. दे दो ना ।
भीगी पल्को से चुरा लुंगी नमी,
रहने दूंगी ना कही कोई कमी,
तुम को दामन ना भी दोने दूंगी,
अब कभी ना तुम्हे रोने दूंगी,
उलझते गम कि परछाई ,
देदो तुम अपने तनहाई,
गुमनामिया भी दो,
नकामयाबिया भी दो,
बिरानिया भी दो,
......................... दे दो ना।
- मामुनी ( उड़ीसा )
2007-07-03
दे दो ना ........
Subscribe to:
Post Comments (Atom)







0 टिप्पणियाँ:
Post a Comment